Table of Contents
- डार्क सर्कल्स क्या होते हैं?
- डार्क सर्कल्स किस तरह दिखाई देते हैं?
- क्या डार्क सर्कल्स सिर्फ कॉस्मेटिक समस्या हैं?
- क्यों आजकल डार्क सर्कल्स ज्यादा आम हो गए हैं?
- डार्क सर्कल्स क्यों होते हैं? (आंखो के नीचे कालापन होने के कारण)
- डार्क सर्कल्स के लिए घरेलू उपाय
- डार्क सर्कल्स कम करने के लिए लाइफस्टाइल बदलाव
- डार्क सर्कल्स के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट
- रिजल्ट और रिकवरी – क्या उम्मीद करें?
- कब डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से जरूर मिलें?
- निष्कर्ष
- FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज के दौर में डार्क सर्कल्स यानी आँखों के नीचे कालापन एक ऐसी समस्या बन गई है, जिससे उम्र, जेंडर या प्रोफेशन का कोई लेना-देना नहीं रह गया है। स्टूडेंट्स हों, IT प्रोफेशनल्स हों, गृहणियां हों या वर्किंग पेरेंट्स, यह समस्या आम हो गयी है।
खास बात यह है कि आजकल लोग कम उम्र में ही थका-हारा चेहरा, डल स्किन और आँखों के नीचे गहरे शैडो महसूस करने लगते हैं। कई लोग इसे सिर्फ नींद की कमी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, तो कुछ महंगे आई-क्रीम या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स पर पैसा खर्च करने लगते हैं लेकिन सही जानकारी के बिना अक्सर रिजल्ट नहीं मिलता।
सच यह है कि डार्क सर्कल्स सिर्फ एक कॉस्मेटिक प्रॉब्लम नहीं हैं। कई मामलों में ये आपकी लाइफस्टाइल, खान-पान, हार्मोनल बदलाव या अंदरूनी हेल्थ इश्यू का संकेत भी हो सकते हैं।
इस लेख में हम डार्क सर्कल्स को सिर्फ “कैसे हटाएं” के नजरिए से नहीं, बल्कि क्यों होते हैं, किस टाइप के होते हैं और कब चिंता की बात है — इन सब पहलुओं से विस्तार से समझेंगे।
डार्क सर्कल्स (आँखों के नीचे काले घेरे) क्या होते हैं?
डार्क सर्कल्स आँखों के नीचे दिखने वाला वह कालापन (रंग का बदलना) है, जो आमतौर पर:
- काले
- गहरे भूरे
- नीले
- या बैंगनी शेड
के रूप में दिखाई देता है।
आँखों के नीचे की त्वचा हमारे चेहरे की बाकी त्वचा की तुलना में काफी पतली और संवेदनशील होती है। इस क्षेत्र में:
- फैट लेयर बहुत कम होती है
- ब्लड वेसल्स सतह के क़रीब होती हैं
- कोलेजन जल्दी कम होने लगता है
इसी वजह से यहां होने वाले छोटे-छोटे बदलाव भी साफ दिखने लगते हैं।
उदाहरण के लिए: अगर आप एक-दो रात ठीक से न सोएँ, तो चेहरे पर भले ज्यादा फर्क न दिखे — लेकिन आँखों के नीचे तुरंत थकान नजर आने लगती है।
डार्क सर्कल्स किस तरह दिखाई देते हैं?
हर व्यक्ति में डार्क सर्कल्स एक जैसे नहीं दिखते। इनके रंग और शेप से कभी-कभी कारण का अंदाजा भी लगाया जा सकता है:
- नीले या बैंगनी डार्क सर्कल्स
→ आमतौर पर नींद की कमी, थकान या ब्लड वेसल्स के ज्यादा दिखने से - भूरे या काले डार्क सर्कल्स
→ पिगमेंटेशन, धूप, हार्मोनल बदलाव या जेनेटिक कारण - आँखों के नीचे गड्ढे के साथ डार्क सर्कल्स
→ उम्र बढ़ना, वजन कम होना या फैट लॉस
इसीलिए हर किसी के लिए एक ही “बेस्ट आई-क्रीम” या एक ही उपाय काम करे — यह जरूरी नहीं।
क्या डार्क सर्कल्स सिर्फ कॉस्मेटिक समस्या हैं?
बहुत से लोग सोचते हैं कि डार्क सर्कल्स का मतलब बस चेहरा थका हुआ दिखना है। लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार, कई बार ये शरीर के अंदर चल रही किसी समस्या का पहला विजुअल सिग्नल भी हो सकते हैं।
कुछ उदाहरण:
- लंबे समय से बने डार्क सर्कल्स + थकान
→ एनीमिया (खून की कमी) - डार्क सर्कल्स + वजन में बदलाव + सुस्ती
→ थायरॉइड से जुड़ी समस्या - डार्क सर्कल्स + एलर्जी + आंखो में खुजली
→ एलर्जिक कंडीशन या साइनस
हालाँकि हर केस में घबराने की जरूरत नहीं होती, लेकिन अगर डार्क सर्कल्स तेजी से बढ़ रहे हों या अन्य लक्षणों के साथ हों, तो इन्हें सिर्फ ब्यूटी इश्यू मानकर टालना सही नहीं है।
क्यों आजकल डार्क सर्कल्स ज्यादा आम हो गए हैं?
पिछले कुछ सालों में डार्क सर्कल्स की समस्या बढ़ने के पीछे कई मॉडर्न लाइफस्टाइल फैक्टर्स हैं:
- देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल
- अनियमित सोने-जागने का पैटर्न
- वर्क फ्रॉम होम में बढ़ा स्क्रीन टाइम
- स्ट्रेस और मेंटल थकान
- प्रोसेस्ड फूड और पानी की कमी
यही कारण है कि आज 20–25 साल के युवाओं में भी आंखो के नीचे डार्क सर्कल्स दिखने लगे हैं।
आँखों के नीचे काले घेरे क्यों होते हैं?
डार्क सर्कल्स होने का कोई एक ही कारण नहीं होता। अक्सर यह कई फैक्टर्स का कॉम्बिनेशन होता है। नीचे हम डार्क सर्कल्स के सबसे आम और मेडिकल रूप से मान्य कारणों को विस्तार से समझते हैं।
1. नींद की कमी और अनियमित दिनचर्या
डार्क सर्कल्स का सबसे आम और सबसे ज्यादा अनदेखा किया जाने वाला कारण है — पर्याप्त नींद न लेना।
जब हम ठीक से नहीं सोते:
- शरीर को रिपेयर करने का समय नहीं मिलता
- ब्लड सर्कुलेशन स्लो हो जाता है
- आँखों के नीचे की ब्लड वेसल्स फैल जाती हैं
इसका नतीजा यह होता है कि आँखों के नीचे की पतली त्वचा के अंदर की नसें साफ दिखने लगती हैं, जिससे वहां नीला या गहरा रंग दिखाई देता है।
खास बात: सिर्फ घंटों की नींद ही नहीं, बल्कि नींद का समय भी मायने रखता है। रोज देर रात सोना और देर से उठना, भले ही 7 घंटे सो रहे हों, फिर भी डार्क सर्कल्स बढ़ा सकता है।
2. लगातार मोबाइल, लैपटॉप और स्क्रीन टाइम
आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में आँखों पर स्ट्रेन लगभग तय सा हो गया है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से:
- आँखें जल्दी थकती हैं
- आँखों के आसपास की मसल्स पर जोर पड़ता है
- ब्लड फ्लो बढ़ता है
इस वजह से आँखों के नीचे की नसें और ज्यादा prominent हो जाती हैं, जिससे eyes ke dark circles kaise hataye जैसे सवाल आम हो जाते हैं।
टिप: हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें (20-20-20 rule)।
3. मानसिक तनाव, थकान और हाई कॉर्टिसोल
लगातार तनाव में रहने से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है।
यह हार्मोन:
- स्किन को डिहाइड्रेट करता है
- कोलेजन ब्रेकडाउन को तेज करता है
- पिगमेंटेशन को बढ़ावा देता है
यही वजह है कि मानसिक तनाव का असर सबसे पहले चेहरे और आँखों के आसपास दिखता है।
4. जेनेटिक कारण (पारिवारिक इतिहास)
अगर आपके माता-पिता या करीबी रिश्तेदारों को डार्क सर्कल्स की समस्या है, तो आपको भी यह समस्या हो सकती है — भले ही आप पूरी नींद लें और हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें।
जेनेटिक डार्क सर्कल्स में:
- आँखों के नीचे की त्वचा जन्म से पतली होती है
- पिगमेंटेशन ज्यादा होता है
- घरेलू उपायों से सीमित फायदा मिलता है
इस तरह के केस में मेडिकल ट्रीटमेंट ज्यादा असरदार साबित हो सकता है।
5. उम्र बढ़ना और कोलेजन की कमी
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है:
- स्किन की इलास्टिसिटी कम होती है
- कोलेजन और फैट लेयर घटती है
- आँखों के नीचे हल्का गड्ढा बनने लगता है
इससे वहां शैडो और गहराई दिखने लगती है, जो डार्क सर्कल्स जैसा लगता है। यही कारण है कि 35–40 की उम्र के बाद डार्क सर्कल्स ज्यादा स्पष्ट दिखने लगते हैं।
6. एलर्जी, साइनस और आँख रगड़ने की आदत
एलर्जी या साइनस की समस्या में:
- आँखों में खुजली होती है
- नाक और आँखों के आसपास सूजन रहती है
- बार-बार आँख रगड़ने की आदत बन जाती है
लगातार आँख रगड़ने से वहां की त्वचा डैमेज होती है और पिगमेंटेशन बढ़ जाता है।
7. डिहाइड्रेशन और खराब खान-पान
अगर शरीर में पानी की कमी हो:
- स्किन ड्राई दिखती है
- आँखों के नीचे की त्वचा और ज्यादा पतली दिखती है
इसके अलावा:
- आयरन
- विटामिन B12
- विटामिन C
की कमी से भी डार्क सर्कल्स उभर सकते हैं।
इसलिए aankhon ke niche dark circles kaise hataye का एक बड़ा जवाब है — अंदर से पोषण ठीक करना।
8. ज्यादा धूप और सन एक्सपोजर
आँखों के आसपास की त्वचा सूरज की UV किरणों से बहुत जल्दी प्रभावित होती है।
ज्यादा धूप में रहने से:
- मेलानिन प्रोडक्शन बढ़ता है
- पिगमेंटेशन गहरा होता है
और धीरे-धीरे डार्क सर्कल्स स्थायी रूप लेने लगते हैं।
9. कुछ मेडिकल कंडीशन
कई बार डार्क सर्कल्स किसी अंदरूनी बीमारी का लक्षण हो सकते हैं, जैसे:
- एनीमिया (खून की कमी)
- थायरॉइड डिसऑर्डर
- इंसुलिन रेजिस्टेंस
अगर डार्क सर्कल्स के साथ:
- लगातार थकान
- चक्कर
- हेयरफॉल
- वजन में असामान्य बदलाव
हो रहे हों, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
डार्क सर्कल्स के लिए घरेलू उपाय
(आँखों के नीचे काले घेरे कैसे हटाएं – घर पर सुरक्षित तरीके)
अगर आपके डार्क सर्कल्स बहुत ज्यादा गहरे नहीं हैं और किसी गंभीर मेडिकल समस्या से जुड़े नहीं हैं, तो घरेलू उपाय काफी हद तक मदद कर सकते हैं। हालाँकि, यहां यह समझना जरूरी है कि घरेलू नुस्खे धीरे असर दिखाते हैं, तुरंत नहीं।
1. ठंडा कम्प्रेस या आई पैक
ठंडी सिकाई डार्क सर्कल्स के लिए सबसे आसान और सुरक्षित उपायों में से एक है।
कैसे काम करता है?
ठंडक से:
- ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं
- सूजन कम होती है
कैसे करें?
- साफ कपड़े में बर्फ लपेटें या ठंडा चम्मच लें
- आँखों पर 5–10 मिनट रखें
- दिन में 1–2 बार करें
ध्यान रखें:
बर्फ को सीधे त्वचा पर न रखें, इससे स्किन डैमेज हो सकती है।
2. खीरे के स्लाइस आँखों पर लगाना
खीरा सिर्फ ठंडक ही नहीं देता, बल्कि इसमें स्किन को सुकून देने वाले तत्व भी होते हैं।
फायदे:
- स्किन को हाइड्रेट करता है
- हल्का पिगमेंटेशन कम करता है
- आँखों की थकान दूर करता है
कैसे इस्तेमाल करें?
- ठंडे खीरे के दो स्लाइस काटें
- बंद आँखों पर 10–15 मिनट रखें
- रोजाना या हफ्ते में 4–5 बार करें
3. आलू के स्लाइस या आलू का रस
आलू में नैचुरल ब्लीचिंग गुण होते हैं, जो हल्के पिगमेंटेशन को काम करने में मदद कर सकते हैं।
कैसे काम करता है?
- स्किन टोन को हल्का करने में मदद करता है
- सूजन कम करता है
कैसे करें?
- कच्चे आलू के स्लाइस रखें या आलू का रस रुई से लगाएँ
नोट: संवेदनशील त्वचा वाले लोग पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
4. ठंडा ग्रीन टी बैग
ग्रीन टी डार्क सर्कल्स के लिए सबसे ज्यादा सुझाव दिए जाने वाले घरेलू उपायों में से एक है।
क्यों असरदार है?
- कैफीन ब्लड वेसल्स को सिकोड़ता है
- एंटीऑक्सीडेंट स्किन रिपेयर में मदद करते हैं
कैसे इस्तेमाल करें?
- ग्रीन टी बैग को इस्तेमाल के बाद फ्रिज में रखें
- ठंडा होने पर आँखों पर 10–15 मिनट रखें
5. बादाम तेल से हल्की मसाज
बादाम तेल विटामिन E से भरपूर होता है, जो स्किन की मरम्मत में मदद करता है।
कैसे करें?
- रात को सोने से पहले
- 1–2 बूंद बादाम तेल
- बहुत हल्के हाथ से आँखों के नीचे मसाज करें
जोर से रगड़ना नुकसानदायक हो सकता है।
6. एलोवेरा जेल
एलोवेरा स्किन को शांत करता है और मॉइस्चर देता है।
फायदे:
- सूजन कम करता है
- स्किन टेक्सचर सुधारता है
कैसे इस्तेमाल करें?
- ताजा एलोवेरा जेल लें
- आँखों के नीचे पतली परत लगाएँ
- रात भर छोड़ सकते हैं
आँखों के नीचे काले घेरे कम करने के लिए लाइफस्टाइल बदलाव
केवल घरेलू नुस्खे ही नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल सुधार भी उतने ही जरूरी हैं।
1. पर्याप्त नींद लें (7–8 घंटे)
नींद पूरी करना डार्क सर्कल्स कम करने का सबसे सस्ता और असरदार तरीका है।
- रोज एक ही समय सोने और उठने की आदत डालें
- सोने से पहले मोबाइल/स्क्रीन कम करें
2. पानी ज्यादा पिएँ
डिहाइड्रेशन से स्किन डल और डार्क दिखती है।
- दिन में 8–10 गिलास पानी
- चाय, कॉफी और सॉफ्ट ड्रिंक सीमित करें
3. नमक और कैफीन कम करें
ज्यादा नमक:
- शरीर में पानी रोकता है
- आँखों के नीचे सूजन बढ़ाता है
4. सनस्क्रीन और सनग्लास का इस्तेमाल
आँखों के आसपास की त्वचा को धूप से बचाना बहुत जरूरी है।
- बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाएँ
- धूप में सनग्लास पहनें
5. आँख रगड़ने से बचें
बार-बार आँख रगड़ने से:
- त्वचा मोटी और डार्क हो जाती है
- पिगमेंटेशन बढ़ता है
डार्क सर्कल्स के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट
(जब घरेलू उपाय काम न करें)
अगर आपने घरेलू उपाय और लाइफस्टाइल सुधार 6–8 हफ्तों तक ईमानदारी से किए हैं, लेकिन फिर भी डार्क सर्कल्स में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा, तो यह संकेत हो सकता है कि समस्या सिर्फ सतही नहीं, बल्कि गहरी है। ऐसे में मेडिकल ट्रीटमेंट मददगार हो सकता है।
यहां यह समझना जरूरी है कि हर डार्क सर्कल का इलाज अलग होता है, क्योंकि हर व्यक्ति में कारण अलग-अलग हो सकता है।
1. टॉपिकल क्रीम्स और सीरम
डर्मेटोलॉजिस्ट अक्सर ऐसी क्रीम्स सुझाते हैं जिनमें शामिल हो सकते हैं:
- विटामिन C
- रेटिनॉल (कम मात्रा में)
- कोजिक एसिड
- नियासिनामाइड
ये क्रीम्स कैसे मदद करती हैं?
- पिगमेंटेशन को हल्का करती हैं
- स्किन की क्वालिटी सुधारती हैं
- कोलेजन प्रोडक्शन को सपोर्ट करती हैं
जरूरी चेतावनी: बिना डॉक्टर की सलाह के तेज एक्टिव क्रीम्स आँखों के पास लगाना नुकसानदेह हो सकता है।
2. केमिकल पील्स
केमिकल पील्स में हल्के एसिड्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो:
- स्किन की डेड लेयर हटाते हैं
- नई, हेल्दी स्किन बनने में मदद करते हैं
किसके लिए बेहतर?
- ब्राउन या काले पिगमेंटेशन वाले डार्क सर्कल्स
- सन डैमेज से जुड़े केस
आमतौर पर 2–4 सेशन की जरूरत पड़ सकती है।
3. लेजर या लाइट थेरेपी
लेजर ट्रीटमेंट डार्क सर्कल्स के लिए आज के समय में एक काफी प्रभावी विकल्प माना जाता है।
कैसे काम करता है?
- मेलानिन को टार्गेट करता है
- ब्लड वेसल्स की विजिबिलिटी कम करता है
- स्किन टेक्सचर सुधारता है
यह ट्रीटमेंट:
- सभी के लिए नहीं
- और केवल एक्सपीरियंस्ड डर्मेटोलॉजिस्ट द्वारा ही किया जाना चाहिए
4. डर्मल फिलर्स
अगर डार्क सर्कल्स आँखों के नीचे गड्ढे (hollowness) की वजह से दिख रहे हैं, तो फिलर्स मदद कर सकते हैं।
फिलर्स क्या करते हैं?
- आँखों के नीचे वॉल्यूम बढ़ाते हैं
- शैडो को कम करते हैं
- चेहरा ज्यादा फ्रेश दिखता है
रिजल्ट आमतौर पर परमानेंट नहीं होता और 9–18 महीनों तक रहता है।
5. PRP और माइक्रोनिडलिंग
PRP (Platelet Rich Plasma) और माइक्रोनिडलिंग ऐसे ट्रीटमेंट हैं जो:
- स्किन की नेचुरल हीलिंग को एक्टिवेट करते हैं
- कोलेजन प्रोडक्शन बढ़ाते हैं
यह ट्रीटमेंट उन लोगों के लिए बेहतर होता है जिनमें:
- स्किन पतली हो गई हो
- उम्र के साथ डार्क सर्कल्स बढ़े हों
रिजल्ट और रिकवरी – क्या उम्मीद करें?
यह बहुत जरूरी है कि मेडिकल ट्रीटमेंट से जुड़ी उम्मीदें वास्तविक हों।
- कोई भी ट्रीटमेंट
- ओवरनाइट रिजल्ट नहीं देता
- कई सेशन लग सकते हैं
- ट्रीटमेंट के बाद:
- हल्की सूजन या रेडनेस हो सकती है
- सनस्क्रीन और मॉइस्चराइजर जरूरी है
- आँख रगड़ने से बचना चाहिए
सही देखभाल से ही लंबे समय तक अच्छे रिजल्ट मिलते हैं।
कब डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट से जरूर मिलें?
नीचे दिए गए हालात में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है:
- डार्क सर्कल्स अचानक बहुत ज्यादा गहरे हो जाएँ
- आँखों में दर्द, सूजन या जलन हो
- नजर कम होने लगे
- डार्क सर्कल्स के साथ:
- लगातार थकान
- चक्कर
- हेयरफॉल
- वजन में असामान्य बदलाव
ये किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकते हैं।
निष्कर्ष
डार्क सर्कल्स को हल्के में लेना आसान है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि ये आपकी लाइफस्टाइल, पोषण और सेहत का प्रतिबिंब भी हो सकते हैं।
हर किसी के लिए एक ही उपाय काम नहीं करता, इसलिए:
- पहले कारण समझें
- घरेलू उपाय और लाइफस्टाइल सुधार अपनाएँ
- जरूरत पड़ने पर मेडिकल ट्रीटमेंट लें
सही जानकारी, धैर्य और नियमित देखभाल से आँखों के नीचे का कालापन काफी हद तक कम किया जा सकता है और चेहरा फिर से फ्रेश और हेल्दी दिख सकता है।



